ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर
ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर ,ईरान की सत्ता की संरचना मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और अभूतपूर्व भू-राजनीतिक संकट के बीच बदल गई है। ईरान का सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई ने पदभार संभाला है। आपात बैठक के बाद ईरान की संवैधानिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने इस निर्णय पर मुहर लगाई।वर्तमान युद्ध और आंतरिक सुरक्षा खतरे को देखते हुए, सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस नियुक्ति पर असेंबली पर भारी दबाव डाला। ईरानी राजधानी में लंबे समय से चर्चा होती थी कि खामेनेई परिवार में उत्तराधिकार की तैयारी पहले से चल रही थी, और वर्तमान परिस्थितियों ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया।
पर्दे के पीछे से सत्ता तक
8 सितंबर 1969 को जन्मे मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन ईरान की राजनीति में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वे वर्षों से अपने पिता के कार्यालय की देखरेख कर रहे थे और सेना, खुफिया एजेंसियों और धार्मिक नेताओं के बीच समन्वय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ईरान-इराक युद्ध से ही उनके संबंध IRGC के वरिष्ठ अधिकारियों से मजबूत रहे हैं।
धार्मिक रूप से, मोजतबा एक मध्यम-स्तरीय मौलवी हैं और कोम सेमिनरी जैसे बड़े धार्मिक संस्थानों में उनका गहरा संबंध है। उन्हें लंबे समय से अयातुल्ला अली खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता था, हालांकि उन्होंने कभी कोई औपचारिक सार्वजनिक पद नहीं संभाला था। आलोचकों का कहना है कि यह चुनाव “वंशानुगत सत्ता” की ओर संकेत करता है, जो इस्लामी गणराज्य की क्रांतिकारी परंपरा से अलग है।

कैसे हुई अली खामेनेई की मौत
28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए कथित सटीक हमलों में मार डाला गया था। ईरान के शीर्ष नेतृत्व में महज 60 सेकंड के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर हमले किए गए, एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया। इन हमलों में करीब चालिस वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, खामेनेई के IRGC कमांडर समेत मारे गए।
रिपोर्ट्स बताते हैं कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था। लंबे समय से खामेनेई और उसके सुरक्षा घेरे की डिजिटल निगरानी अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों ने की है। इसमें मोबाइल संचार प्रणालियों में सेंध, तेहरान के ट्रैफिक कैमरों की हैकिंग और वास्तविक समय में गतिविधियों की निगरानी शामिल थी।
बदले की आग और क्षेत्रीय तनाव
ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद मध्य ईस्ट में प्रतिक्रियावादी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिका और सहयोगी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव ने वैश्विक तेल बाजारों को प्रभावित करने लगा है।
विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान की सैन्य और विदेश नीति पहले से अधिक हिंसक हो सकती है। नए प्रधानमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी: अमेरिका और इजरायल के कथित “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को रोकना, ईरान के क्षतिग्रस्त सैन्य ढांचे को फिर से बनाना और देश की जनता और सेना का भरोसा जीतना।
ईरान की आंतरिक राजनीति और मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और वैश्विक शक्ति संतुलन को यह बदलाव गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
