Gold Price Today India,भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले ट्रेडिंग सेशन में आई भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को सोने की कीमतों में हल्की रिकवरी हुई, जबकि चांदी की कीमतें लगभग स्थिर रही। यह उतार-चढ़ाव घरेलू बुलियन मार्केट में चल रहे मजबूत ट्रेंड और वैश्विक आर्थिक संकेतों का संकेत है। शनिवार, 28 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में संभावित बदलाव को लेकर निवेशक सतर्क रहेंगे, हालांकि कमोडिटी मार्केट वीकेंड के दौरान बंद रहेगा।
सोने को वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में निरंतर समर्थन मिल रहा है। गोल्ड की मांग को अमेरिका की मजबूत ट्रेड पॉलिसी, बढ़ती महंगाई की चिंता और वैश्विक अनिश्चितता ने बनाए रखा है। शॉर्ट टर्म में बाजार की चाल भी जियोपॉलिटिकल टेंशन से प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि हालिया गिरावट के बावजूद सोने की कीमतें पूरी तरह से नहीं गिरी हैं।

घरेलू बाजार में सोने के ताजा भाव
24 कैरेट सोने की कीमत शुक्रवार, 27 फरवरी को 55 रुपये प्रति ग्राम की बढ़त के साथ 16,157 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई। 22 कैरेट सोना 50 रुपये महंगा होकर 14,810 रुपये पर बंद हुआ। 18 कैरेट सोने की कीमत भी 41 रुपये प्रति ग्राम से 12,118 रुपये प्रति ग्राम हो गई।आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच दिनों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 229 रुपये प्रति ग्राम बढ़ी है। 22 फरवरी को 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 15,92,800 रुपये प्रति 100 ग्राम था, जो 27 फरवरी को लगभग 16,15,700 रुपये प्रति 100 ग्राम हो गया। उस समय, सोना प्रति 100 ग्राम लगभग 22,900 रुपये तक चढ़ गया है। यह बढ़ोतरी दिखाती है कि निवेशकों ने हालिया गिरावट के बावजूद अपना विश्वास बरकरार रखा है।
चांदी की कीमतें स्थिर
चांदी की कीमतें सोने की कीमतों से अधिक नहीं बदलीं। व्यापारिक मांग और वैश्विक संकेतों के बावजूद चांदी की दरें सीमित रहती नजर आईं। व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी की कीमत अभी भी स्थिर रह सकती है, लेकिन उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की मांग लंबे समय में चांदी की कीमतों को सहारा दे सकती है।
शनिवार और रविवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार बंद रहेंगे, इसलिए 28 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है। यद्यपि, निवेशकों का ध्यान आने वाले हफ्तों में जारी होने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगा, जो बाजार की दिशा निर्धारित कर सकते हैं।हालाँकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन बुनियादी कारणों से कीमती धातुओं का रुख अभी भी जारी है।

लेमन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि “अमेरिका के अहम आर्थिक डेटा और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत से जुड़े किसी भी डेवलपमेंट से पहले बाजार का सेंटिमेंट सतर्क बना हुआ है।” साथ ही, मजबूत व्यावसायिक मांग की उम्मीदें कीमतों के अनुरूप हैं। कुल मिलाकर, कीमती धातुएं मूल रूप से मजबूत हैं,
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई, जियोपॉलिटिकल रिस्क और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद सोना और चांदी निवेश के लिहाज से लंबे समय तक आकर्षक बने रह सकते हैं। निवेशकों को, हालांकि, शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए वैश्विक संकेतों, डॉलर की चाल और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, शुक्रवार को हुई हल्की रिकवरी ने संकेत दिया है कि सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद स्थिरता लौट सकती है, जबकि आने वाले हफ्तों में वैश्विक फैक्टर्स बाजार की दिशा निर्धारित करेंगे।
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