Gold Rate Today
Gold Rate Today, ईरान और इज़राइल के मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष का एक बार फिर वैश्विक वित्तीय बाजार पर असर दिखाई देने लगा है। सोने की कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है, जो सुरक्षित निवेशों में गिना जाता है। सोमवार, 2 मार्च को वायदा बाजार में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के भाव ऊँचे स्तर पर बने रहे।
घरेलू सर्राफा बाज़ार में आज के सोने के रेट
सोमवार को भारत के प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 168,333 रुपये था। 22 कैरेट सोना भी प्रति 10 ग्राम ₹154,305 पर बेचा जाता था। 18 कैरेट सोना, जो आभूषणों में इस्तेमाल किया जाता था, प्रति 10 ग्राम 126,259 रुपये का था। सोने की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में हुई वृद्धि के बाद बाजार में अब अस्थिरता और स्थिरता दोनों के संकेत मिल रहे हैं।

MCX पर वायदा कारोबार में कमजोरी
वायदा बाजार में सोने के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स में कमी देखी गई है। सोमवार को 10 ग्राम सोने का वायदा भाव Rs. 161,971 पर था, जो पिछले कारोबारी सत्र में Rs. 162,104 पर था। विशेषज्ञों का कहना है कि मुनाफावसूली और डॉलर की मज़बूती ने हालिया गिरावट का कारण बनाया है।
ऐतिहासिक उच्च स्तर से नीचे, लेकिन दबदबा बरकरार
29 जनवरी को 10 ग्राम सोने के वायदा मूल्य में Rs. 180,779 का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ गया था। इसके बाद से कीमतें काफी गिर गई हैं। यह अस्थिरता निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाती है। जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है।
प्रति ग्राम के हिसाब से सोने की कीमत
वित्तीय डेटा प्लेटफॉर्म गुडरिटर्न्स के मुताबिक, आज भारत में सोने की प्रति ग्राम कीमत इस प्रकार रही—
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24 कैरेट सोना: Rs 17,308 प्रति ग्राम
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22 कैरेट सोना: Rs 15,865 प्रति ग्राम
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18 कैरेट सोना: Rs 12,981 प्रति ग्राम
ये दरें देशभर में औसत भाव को दर्शाती हैं, हालांकि अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण इनमें थोड़ा अंतर हो सकता है।
किन वजहों से बदलती है सोने की कीमत?
भारत में सोने की कीमत कई देशी और अंतर्राष्ट्रीय घटकों से निर्धारित होती है। अमेरिकी डॉलर की मज़बूती या कमजोरी, वैश्विक ब्याज दरों की उम्मीदें और सोने की चाल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, सोने की कीमतों पर अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियाँ भी असर डालती हैं।
दामों में घरेलू आयात शुल्क, जीएसटी (जैसे कर), रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति और मौसमी मांग का भी योगदान होता है। भारत में शादी और त्योहारों के सीज़न के दौरान सोने की मांग बढ़ने से सोने की कीमतें बढ़ी हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
वर्तमान विश्वव्यापी अस्थिरता के बावजूद, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोना अभी भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प है। हालाँकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव अल्पकाल में जारी रह सकता है। यही कारण है कि निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दबाज़ी में निर्णय न लें और दीर्घकालिक योजनाओं में निवेश करें।
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