सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर रोक लगाए जाने के फैसले का विभिन्न राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने इसे अपेक्षित और न्यायसंगत कदम बताया है।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत ही फैसला करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाली सरकार को बेवजह निशाना बनाया गया।
बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय समाज में एकता को मजबूत करेगा।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर ट्रोल किया गया और अपमानित किया गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप कर उन यूजीसी गाइडलाइंस पर रोक लगाई जो अस्पष्ट, मनमानी और कैंपसों में भेदभाव बढ़ाने वाली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इन दिशानिर्देशों को वापस लेने की जिम्मेदारी नहीं निभाई और जनविरोध की अनदेखी की।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से यही उम्मीद थी और उसका काम ही गलत फैसलों पर रोक लगाना है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया।
